news

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Responsive Advertisement

किसान आंदोलन: नए कृषि कानूनों के साथ खड़े है त्रिपुरा के किसान, किया समर्थन

किसान आंदोलन: नए कृषि कानूनों के साथ खड़े है त्रिपुरा के किसान, किया समर्थन

 

अगरतला। राजधानी दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन का आज 21वां दिन है। जिसके चलते त्रिपुरा के किसानों ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भरोसा जताते हुए उनके कृषि कानून का समर्थन किया। जिसके बाद प्रदेश मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने किसानों को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए वाम दलों पर जमकर हमला किया। 


वही बुधवार को अगरतला में बीजेपी द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन में हजारों की संख्या में कृषक पहुंचे। उन्होंने पीएम मोदी की कृषक नीति का समर्थन करते हुए संदेश दिया कि, वे मोदी जी की कल्याणकारी नीतियों से प्रसन्न हैं। रैली में शामिल किसानों में काफी उत्साह दिखाई दिया। वहीं, किसान रैली को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री बिप्लब देब कम्युनिस्ट पार्टी पर हमलावर नजर आए। 


उन्होंने कहा कि, त्रिपुरा में सभी किसान भाई केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। आंदोलन के नाम पर वामदलों ने किसानों को सिर्फ भ्रमित किया है। पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने जो कृषक कानून बनाया है वो किसानों के हित में है। कम्युनिस्ट का आलम यह है कि 25वर्ष के शासन के बावजूद भी वाम सरकार ने त्रिपुरा में न्यूनतम समर्थन मूल्य ( एमएसपी) लागू नहीं किया।भाजपा सरकार आने के बाद से राज्य में एमएसपी की व्यवस्था लागू हुई है ।


उन्होंने आगे कहा कि, किसान भाइयों की मेहनत और केंद्र व राज्य सरकार के सार्थक प्रयासों के बदौलत ही त्रिपुरा का कृषि विकास दर विगत दो वर्षों में 6.4 से बढ़कर 13.5 पहुंचा है। मोदी जी के नेतृत्व में हम राज्य के किसानों को समृद्ध बनाकर उनके चेहरे पर चिरस्थायी मुस्कान लाने के लिए कृत संकल्पित हैं। 

बिप्लब देब ने कहा कि, अपने आप को कृषक हितैषी करार देने वाले वाम दल के शाशन में त्रिपुरा का कृषि उत्पाद किसान के खेतों में सड़ जाता था। कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। मगर भाजपा सरकार द्वारा व्यवस्था किए जाने के बाद त्रिपुरा के कृषि उत्पाद न सिर्फ देश के बड़े शहरों में पहुंच रहे हैं बल्कि दुबई और कतर के बाजारों तक में त्रिपुरा के कृषि उत्पादों ने अपनी पहुंच बनाई है।

SOURCE: Ghamasan.com

Post a Comment

0 Comments