news

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Responsive Advertisement

चिरबटिया नेचर फेस्टिवल के पहले दिन कठपुतलियां बनी आकर्षण का केंद्र, आज होगी ट्रेकिंग

 

चिरबटिया नेचर फेस्टिवल के पहले दिन कठपुतलियां बनी आकर्षण का केंद्र, आज होगी ट्रेकिंग

देहरादून। रुद्रप्रयाग में चिरबटिया में आयोजित तीन दिवसीय नेचर फेस्टिवल के पहले दिन में कठपुतलियों का नाच सबके लिए आकर्षण का केंद्र बना। इस दौरान मानव व वन्य जीवों के बीच बढ़ते संघर्ष पर जहां वक्ताओं ने चिंता जाहिर की। साथ ही प्रकृति व पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन, एडवेंचर को बढ़ाने के तरीके सुझाए। दूसरी ओर 36 पर्यटकों के दल ने चिरबटिया, खलवा व लुठियाग गांव का भ्रमण कर ग्रामीण परिवेश की जानकारी ली।


बता दे कि, शुक्रवार को तीन दिवसीय नेचर फेस्टिवल का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह के द्वारा किया गया। इसके बाद देहरादून में रहने वाले व कोटद्वार निवासी कठपुतली संचालक रामलाल व धनजीरा ने प्रकृति, पर्यावरण, वन्य जीव व मानव संघर्ष और वन्य जीव संरक्षण के महत्व को कठपुतली के माध्यम से बताया। उन्होंने बताया कि इंसान की बढ़ती महत्वकांक्षा से कैसे जंगल खत्म हो रहे हैं और वन्य जीव हिंसक होकर मानव व उसके पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं।


इस दौरान बताया गया कि विकास के नाम पर हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। साथ ही नेचर फेस्टिवल के पहले दिन इंडियन हाइक्स ग्रुप व हिमालयन ट्राइब के 36 पर्यटकों के दल ने चिरबटिया, खलवा व लुठियाग गांव का भ्रमण किया। इस दौरान पर्यटक ग्रामीण परिवेश से रूबरू हुए और वहां के जनजीवन के बारे में जानकारी प्राप्त की। पर्यटकों को ग्रामीणों के खानपान, रोजगार, संस्कृति, रीति-रीवाज, भोजन, खेतीबाड़ी, धार्मिक व पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी दी गई।


वहीं मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह ने कहा कि वन क्षेत्र स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख केंद्र है। इसके संरक्षण में यहीं के लोग अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी पहल को रोजगार से जोड़कर जल, जंगल और जमीन के प्रति आमजन को और अधिक जागरूक करना होगा। साथ ही विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि पहाड़ का प्राकृतिक सौंदर्य किसी से छुपा नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन व एडवेंचर के नाम पर हिमालय क्षेत्र तक जिस तरह से मानवीय गतिविधियां बढ़ी हैं, वह चिंताजनक है। 


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएम मनुज गोयल ने कहा कि  प्रकृति व नैतिकता के अनुरूप प्राकृतिक संसाधनों के दोहन व संरक्षण होना चाहिए। साथ ही इको टूरिज्म को ध्यान में रखकर विकास की रूपरेखा तैयार करनी होगी। इस मौके पर डीएफओ वैभव कुमार, क्षेत्रीय वनाधिकारी यशवंत सिंह चौहान , डीडीओ मनविंदर कौर, एसडीएम एनएस नगन्याल, प्रकाश सिंह, योगेश जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल आदि मौजूद थे।


आपको बता दे कि आज यानी शनिवार को नेचर फेस्टिवल के दूसरे दिन हाइक्स ग्रुप के सहयोग से 25 से ट्रेकर चिरबटिया से पंवालीकांठा तक की ट्रेकिंग करेंगे। यह ट्रेकिंग दल रेई झील से लेकर क्षेत्र के बुग्यालों का भ्रमण कर वहां के बारे में जानकारी जुटाएगा। साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 30 से अधिक पक्षी विशेषज्ञ चिरबटिया क्षेत्र में मिलने वाली पक्षी प्रजातियों के बारे भी जानकारी प्राप्त करेंगे।

Post a Comment

0 Comments