नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के इस दौर के दौरान जहां कई लोगों ने आपने करीबियों और परिजनों को खोया है। वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने अपनी कमाई का जरिया भी गवाया है। इस महामारी के दौरान देश की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ती जा रही है। जिसके चलते आज हम आपको एक खास बिजनेस आइडिया के बारे में बता रहे हैं, जिसे शुरू कर आप अच्छी कमाई कर सकते हैं। इस बिजनेस की खासियत और फायदा यह है कि, इसमें सरकार की तरफ से 50 फीसदी तक की सब्सिडी भी दी जाती है।
मोती की खेती
आपको बता दें कि आजकल मोती की खेती यानी Pearl farming पर लोगों का फोकस तेजी से बढ़ा है। इसकी खेती करके कई लोग लखपति बन चुके हैं। तो आइए जानते हैं इस कारोबार को कैसे शुरू किया जा सकता है-
इन चीजों की होती है जरुरत
मोती की खेती के लिए एक तालाब, सीप (जिसमें मोती तैयार होता है) और ट्रेनिंग, इन तीन चीजों की जरूरत होती है। तालाब चाहे तो आप खुद के खर्च पर खुदवा सकते हैं या सरकार जो 50% सब्सिडी देती है, उसका भी लाभ ले सकते हैं। सीप भारत के कई राज्यों में मिलते हैं, हालांकि दक्षिण भारत और बिहार के दरभंगा के सीप की क्वालिटी काफी अच्छी मानी जाती है। इसकी ट्रेनिंग के लिए भी देश में कई संस्थान हैं। मध्यप्रदेश के होशंगाबाद और महाराष्ट्र मुंबई से मोती की खेती की ट्रेनिंग ले सकते हैं।
कैसे करें मोतियों की खेती?
मोती की खेती करने के लिए सबसे पहले सीपियों को एक जाल में बांधकर 10 से 15 दिनों के लिए तालाब में डाल दिया जाता है, जिससे वो अपने मुताबिक अपना वातावरण बना सकें, इसके बाद उन्हें बाहर निकालकर उनकी सर्जरी की जाती है। सर्जरी यानी सीप के अंदर एक पार्टिकल या सांचा डाला जाता है। इसी सांचे पर कोटिंग के बाद सीप लेयर बनाते हैं, जो आगे चलकर मोती बनता है।
कम लागत से होगी शुरुआत
आपको बता दें कि, एक सीप के तैयार होने में 25 से 35 रुपये का खर्च आता है, जबकि तैयार होने के बाद एक सीप से दो मोती निकलते हैं। साथ ही एक मोती कम से कम 120 रुपये में बिकता है। हालांकि अगर मोती अच्छी क्वालिटी का हुआ तो 200 रुपये से भी ज्यादा कीमत मिल सकती है। अगर आप एक एकड़ के तालाब में 25 हजार सीपियां डालें तो इस पर करीब 8 लाख रुपये का खर्च आता है। मान लें कि तैयार होने के क्रम में कुछ सीप बर्बाद भी हो गए तो भी 50% से ज्यादा सीप सुरक्षित निकलते ही हैं। इससे आसानी से 30 लाख रुपये सालाना कमाई हो सकती है।

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