बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति और बड़े कारोबारी राज कुंद्रा अक्सर अपने रिलेशन को लेकर सुर्खियों में शुमार रहते है। जिसके चलते एक बार फिर वो चर्चाओं के विषय बने हुए है हालांकि इस बार वो अपने रिलेशन को लेकर नहीं बल्कि एक अश्लील मामले की वजह से सुर्खियों में आए है। जिसके चलते बीते दिन देर रात उन्हें मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। आपको बता दें कि, यह मामला पोर्न मूवी बनाने से जुड़ा हुआ है। वहीं कुंद्रा के खिलाफ इसी साल फरवरी में पोर्नोग्राफिक कंटेंट बनाने और उसे ऐप के जरिए प्रसारित करने के मामले में केस दर्ज किया गया था।
जिसके बाद इस मामले में मुंबई पुलिस ने अब एक्शन लेते हुए राज को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि राज से पहले भी इस मामले में पुलिस कुछ लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं राज कुंद्रा पर आरोप है कि वह इस पूरे रैकेट को चला रहे थे, जो पोर्न मूवी बनाकर ऐप के जरिए लोगों तक पहुंचाता था। इतना मामला तो सबको पता है लेकिन आज हम आपके साथ इस मामले की पूरी बारीकियां बताने जा रहे है। तो आइए जानते है क्या है पूरा मामला:
‘पोर्न बनाकर कमाते थे लाखों रूपए’
आपको बता दें कि, यह मामला फरवरी 2021 से एक्शन में आया था। दरअसल, मुंबई पुलिस ने एक ऐसे बड़े रैकेट का खुलासा किया, जो पोर्न मूवी बनाता था। मुंबई पुलिस कमिश्नर ने एक खास बातचीत के दौरान बताया कि क्राइम ब्रांच ने फरवरी में अश्लील फिल्में बनाने और उन्हें अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म (OTT Platform) पर रिलीज करने का केस दर्ज किया था। इसके बाद से ही पुलिस अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। पुलिस के शिकंजे में 4 लोग आए. जब इनसे पूछताछ की गई और टेक्निकल एविडेंस जुटाए गए, तब राज कुंद्रा का नाम सामने आया। इसी आधार पर राज कुंद्रा को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही पुलिस का दावा है कि राज कुंद्रा इस मामले में मुख्य आरोपी और मुख्य साजिशकर्ता हैं। पुलिस अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
बनाया गया था एक एप
मुंबई क्राइम ब्रांच का कहना है कि बाकायदा एक ऐप बनाया गया था और उस पर अश्लील फिल्मों को रिलीज किया जाता था। इस ऐप का नाम है ‘Hothit Movies’. यही नहीं मूवी का प्रचार इंस्टाग्राम, ट्विटर, सिग्नल, वॉट्सऐप आदि पर भी किया जाता था। मूवी देखने वाले को ऐप डाउनलोड करना होता था। मूवी देखने के लिए पेमेंट करना होता था। पुलिस के मुताबिक, इस ऐप के मालिक राज कुंद्रा है। हालांकि, राज कुंद्रा आरोपों को गलत बताते हुए दावा कर चुके हैं कि उनका इस ऐप से कोई लेना-देना नहीं है।
कौन करता था काम और कहा होती थी शूटिंग
पुलिस का दावा है कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में काम की तलाश में आने वाली जरूरतमंद लड़कियों को इस काम के लिए फंसाया जाता था। लड़कियों को बड़ी फिल्मों में काम दिलाने का झांसा दिया जाता और अश्लील फिल्मों में काम करवाया जाता था। फिल्में बनाने के बाद उन्हें मोबाइल ऐप और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करके आरोपी लाखों की कमाई करते थे। ये भी पता चला कि आरोपी एक ही नहीं बल्कि कई ऐप्स पर इन फिल्मों को रिलीज करते थे, और उनसे भी पैसे कमाते थे।
पुलिस को जांच मे पता चला था कि मुंबई के मलाड वेस्ट में मढ गांव में एक बंगला किराए पर लिया गया था। यहां अश्लील फिल्मों की शूटिंग होती थी। जब पुलिस ने इस बंगले पर छापा मारा, तो उस वक्त भी वहां अश्लील फिल्म की शूटिंग चल रही थी।
राज कुंद्रा की गिरफ्तारी
सोमवार 19 जुलाई की रात 9 बजे राज कुंद्रा पूछताछ के लिए मुंबई के भायखला स्थित क्राइम ब्रांच दफ्तर पहुंचे। उनसे करीब 2 घंटे तक पूछताछ हुई। जिसके बाद रात 11:00 बजे के आसपास क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार 20 जुलाई की सुबह 4:00 बजे राज कुंद्रा को क्राइम ब्रांच दफ्तर से मुंबई के जे.जे अस्पताल मेडिकल जांच के लिए लाया गया। सुबह 4.15 को राज कुंद्रा को मुंबई क्राइम ब्रांच के अफसर जेजे अस्पताल से मुंबई पुलिस कमिश्नर की ऑफिस लेकर आए। जिसके बाद आज राज कुंद्रा को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
क्या है एंटी पोर्नोग्राफी लॉ?
आपको बता दें कि, इंटरनेट के जरिए पोर्नोग्राफी कंटेंट परोसने का कारोबार बहुत बड़ा है। इस कारोबार ने अब दुनियाभर में अपने पैर पसार लिए है। पोर्न के दायरे में ऐसे फोटो, वीडियो, टेक्स्ट, ऑडियो और सामग्री आती है, जो यौन अंगों, यौन कृत्यों और नग्नता पर आधारित हो। ऐसी सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक ढंग से प्रकाशित करने, किसी को भेजने या किसी और के जरिए प्रकाशित करवाने या भिजवाने पर एंटी पोर्नोग्राफी लॉ लागू होता है। पोर्न को प्रकाशित करना, प्रसारित करना और इलेक्ट्रॉनिक जरियों से दूसरों तक पहुंचाना अवैध है। लेकिन उसे देखना, पढ़ना या सुनना अवैध नहीं माना जाता जबकि चाइल्ड पोर्नोग्राफी को देखना भी गैरकानूनी होता है।
सजा और नियम
पोर्न प्रसारित करने के मामले में आईटी एक्ट और आईपीसी की सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाता है। अदालत में दोषी साबित होने पर लंबी सजा होती है। पोर्नोग्राफी के तहत आने वाले मामलों में आईटी (संशोधन) एक्ट 2008 की धारा 67 (ए) लागू होती है। इसके अलावा आईपीसी की धारा 292, 293, 294, 500, 506 व 509 के तहत भी सजा का प्रावधान है। जुर्म की गंभीरता के लिहाज से पहली गलती पर पांच साल तक की जेल या 10 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। दूसरी बार गलती करने पर जेल की सजा 7 साल तक बढ़ाई जा सकती है।

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