mission-paani : सबके लिए स्वच्छता अभियान में स्मार्ट टॉयलेट हो सकते हैं गेमचेंजर
बीतों सालों में भारत ने WASH (जल, स्वच्छता और स्वच्छता) में अहम प्रगति की है, लेकिन अभी भी सभी के लिए सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं को पहुंचाना बड़ी चुनौती बनी हुई है. भारत में खराब सार्वजनिक स्वच्छता, जिसका सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है, एक बड़ी चिंता का विषय है. स्मार्ट टॉयलेट गेमचेंजर हो सकते हैं. स्मार्ट टॉयलेट को बढ़ावा देकर, खुले में शौच की प्रथाओं को रोका जा सकता है. स्वच्छ भारत मिशन के शुरू होने के बाद से अक्टूबर 2019 तक पांच सालों में ग्रामीण क्षेत्र में करीब 60 करोड़ लोगों को कवर किया गया. एनएफएचएस के आंकड़ों के अनुसार, केवल पांच राज्यों में ग्रामीण क्षेत्रों में 100% शौचालय की सुविधा है.
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